DIVINE RETREAT ASHRAM

Bathola, Baroli, P.O.-Sec 82, Faridabad-121004, Haryana India

Christ

हिन्दी प्रार्थनायें


ईश्वर की दस आज्ञाएं


  1. मैं प्रभु तेरा परम ईश्वर हूँ। प्रभु अपने परमेश्वर की आराधना करना। उसको छोड़ और किसी की नहीं।
  2. प्रभु अपने परमेश्वर का नाम व्यर्थ न लेना।
  3. प्रभु का दिन पवित्र रखना।
  4. माँ–बाप का आदर करना।
  5. मनुष्य की हत्या न करना।
  6. व्यभिचार न करना।
  7. चोरी न करना।
  8. झूठी गवाही न देना।
  9. परस्त्री की कामना न करना।
  10. पराये धन पर लालच न करना।

कलीसिया के छ: नियम


  1. इतवार और हुक्म पर्व में यूखरिस्त में भाग लेना।
  2. उपवास और परहेज के दिन मानना।
  3. बरस–बरस कम–से–कम एक बार पाप–स्वीकार करना।
  4. पास्का पर्व के समय योग्य रीति से परमप्रसाद ग्रहण करना।
  5. कलीसिया के पुरोहितों को संभालने में भाग लेना।
  6. विवाह के सम्बन्ध में कलीसिया के नियम मानना।

क्रूस-मार्ग 1 (फादर मरियन मिरांडा)


  • प्रारंभिक प्रार्थना

    अगुआ: हे प्रेमी पिता परमेश्वर आपने इस संसार को इतना प्यार किया कि अपने इकलौते पुत्र को दे दिया, जिसने हमारी मुक्ति के लिए अपने आप को क्रूस पर कुर्बान कर दिया। हे प्रभु आज हम आपके चरणों में विनम्र होकर, कलवारी की चोटी तक, दुःख भोग पर मनन करना चाहते हैं। यह क्रूस रास्ता हमारे लिए मेल मिलाप और नवीनीकरण का साधन बन जाये। हम पर यह कृपा कर, कि आंसूओं की इन राहों से गुजरते समय, हमारे हृदयों में पाप के प्रति धृणा और पश्चात्ताप के भाव उत्पन्न हो जाये। हमें धीरज दे ताकि हम भी अपने जीवन मे क्लेशों, दःख संकटों को खुशी से सहे। दूसरों के दुःखों को खुशी से सहे। दूसरों के दुःखों को हल्का करें और तेरे साथ महिमा में प्रवेश कर सकें।
    अगुआ: हे प्रभु हम पर दया कर,
    सब: हे ख्रीस्त हम पर दया कर,
    अगुआ: मरे हुए विश्वासियों की आत्मायें परमेश्वर की दया से शांति में निवास करे।
    सब: आमेन।
    गीत:
    सबके दुःखों को लेकर, वो ख्रीस्त जा रहे हैं,गिरते कदम-कदम पर, फिर भी वो जा रहे हैं।
    कांटों का ताज सर पर, रखकर उन्होंने मारा,पिलातुस भी मसीह को अब क्रूस दे रहे हैं।


  • पहला विश्राम
    येसु को प्राणदण्ड दिया जाता है

    अगुआ: हे प्रभु हम तेरी आराधना करते और आपको धन्य मानते हैं।
    सब: क्योंकि तूने अपने पवित्र दुःखभोग द्वारा दुनियां को बचाया है।
    अगुआ: अंतिम ब्यारी में प्रभु ने अपने बारह चेलों के पैर धोकर विनम्रता, और सेवा का सच्चा आदर्श प्रस्तुत किया, पावन पुरोहिताई और परम प्रसाद संस्कारों का अनुष्ठान किया, उसके बाद वे अपने शिष्यो के साथ गेत्सेमनी में प्रार्थना कर रहे थे, उस समय विश्वासघाती शिष्य यूदस येसु को चुम्बन देकर प्रभु को पकड्वा देता है। अब प्रभु रोमन राज्यपाल पिलातुस के न्यायासन के सामने खडे हैं। विशाल भीड और यहूदियों की धमकियों से पिलातुस प्रभावित हुआ है अपनी पत्नी की बतलाई बात को वह भूल गये हैं, और डर के मारे येसु को क्रूस पर चढाने का आदेश देते हैं अपनी गलती छुपाने के लिए पानी मंगाकर हाथ धोते है और कहते हैं ‘मैं इस धर्मात्मा के रक्त का दोषी नहीं हूं। और प्रभु येसु हम सभों को हमारे पापों से मुक्त करने के लिए, सभी प्रकार के अन्याय, अपमान सहते हुए उस क्रूस को स्वीकार कर रहें हैं।
    सब: हम सब अपने मन और हृदय के द्वार खोलें और मनन चिंतन करें कि हमने अपने पापों द्वारा येसु को किस तरह भयानक क्रूस, अन्याय, अपमान सहने दिया है। वास्तव में हम, अपने जीवन में थोडा सा भी दुःख सहन नहीं करते हैं। कईं बार हमें हमारे भले कार्यों के बदले बुराई मिलती है, हम पर झूठा आरोप लगाकर बदनाम किया जाता है। आज के इस कम्प्यूटर युग में हम अपने ही स्वार्थ के पीछे भागते हैं। कई बार हम झूठी गवाही देकर, निर्दोष लोगों को फंसाते हैं। आइए हम अपने कमजोरियों एवं गलतियों के लिए प्रभु से क्षमा मांगें।
    अगुआ: हे प्रभु हम पर दया कर,
    सब: हे ख्रीस्त हम पर दया कर,
    अगुआ: मरे हुए विश्वासियों की आत्मायें परमेश्वर की दया से शांति में निवास करे।
    सब: आमेन।
    गीत:
    वो क्रूस था जो भारी, कंधों पर रख दिया है,पापों का बोझ लेके, देखो वो चल दिए है।
    सब के दुःखों को लेकर
    प्राणों से प्यारे येसु मेरे तेरा ही है आसरा
    बाहर देखा घर में देखा, देख मैं चारों दिशा
    पर नहीं देखा येसु मैंने तुम सा कोई दूसरा


  • दूसरा विश्राम
    येसु के कंधों पर भारी क्रूस लादा जाता है

    अगुआ: हे प्रभु हम तेरी आराधना करते और आपको धन्य मानते हैं।
    सब: क्योंकि तूने अपने पवित्र दुःखभोग द्वारा दुनियां को बचाया है।
    अगुआ: सैनिकों ने प्रभु के कपडे उतार कर उसे लाल चांगा पहनाया है, कांटों का मुकूट गूंथकर उनके सिर पर रखा है, उनका उपहास करते हुए कोडों से उसे मारा है और अभी उसके कंधों पर भारी वजन का क्रूस लादा गया है। येसु बडी विनम्रता के साथ उसे ग्रहण करते हैं, क्योंकि यह मानव जाति का मुक्ति का साधन है। इस समय प्रभु के साथ उसके शिष्य भी नहीं है, विपत्ति से डरकर वे भाग निकले हैं। प्रभु येसु ने इस क्रूस के साथ हम पापियों के अपराधों का क्रूसरूपी बोझ भी उठा लिया है। क्या हम प्रभु का अनुसरण करने, हमारे जीवन में आने वाले कष्ट रूपी क्रूस को ग्रहण करने तैयार हैं? क्या हम अपने कर्तव्यों एवं दायित्वों के प्रति निष्ठावान हैं? क्या हम दूसरों पर अत्याचार करते हैं या अनुचित कार्यों द्वारा दूसरों को कष्ट रूपी क्रूस सहने के लिए मजबूर कर देते हैं?
    सब: प्रभु मुझे बल दे कि मैं अपने दैनिक जीवन के छोटे-मोटे शारीरिक कष्ट, मानसिक क्लेश और जीवन की सारी कठिनाईयों को दीनता पूर्वक सहन कर सकूं, मुझे ईमानदारी से आपके पद-चिन्हों पर चलने की शक्ति प्रदान कर।
    अगुआ: हे प्रभु हम पर दया कर,
    सब: हे ख्रीस्त हम पर दया कर,
    अगुआ: मरे हुए विश्वासियों की आत्मायें परमेश्वर की दया से शांति में निवास करे।
    सब: आमेन।
    गीत:
    गिरते हैं पहली बार वो, अब क्रूस के ही नीचे कोडों की मार से वो, कितने लह लुहान है।
    प्राणों से प्यारे येसु मेरे तेरा ही है आसरा तुमको पाकर मैंने पायी जीवन की सारी खुशी प्रीत में तेरे येसु मेरे ऐसा हुआ बावरा।


  • तीसरा विश्राम
    येसु पहली बार क्रूस के नीचे गिरते है

    अगुआ: हे प्रभु हम तेरी आराधना करते और आपको धन्य मानते हैं।
    सब: क्योंकि तूने अपने पवित्र दुःखभोग द्वारा दुनियां को बचाया है।
    अगुआ: कलवारी की ओर जाने वाले प्रभु को आगे बढना मुश्किल हो रहा था, कोडों की मार से उसके घायल शरीर की शक्ति क्षीण पड जाती है, भूख और प्यास से वह व्याकुल था, क्रूस के बोझ, कमजोरी और थकान की वजह से वे अपने आप को संभाल नहीं पाये और लडखडाते क्रूस लिये गिर पडते हैं। हम सबों की खातिर असहनीय दुःख सहते हैं। कितना उदार है प्रभु, कितनी महान है उसकी कृपा।
    सब: हे दयालु एवं करुणामय प्रभु येसु, क्रूस का नहीं बल्कि मेरे पापों का बोझ आपको इतना कष्ट देता है। हे प्रभु सत्य के मार्ग पर हमारे लडखडाते कदमों को सुदृढ बना दे ताकि हमारी कमजोरियों के कारण फिसलकर गिरने पर भी तेरी कृपा से हम उठ सके। मुझे शक्ति दीजिए की सांसारिक प्रलोभनों से बचकर मैं पापमय जीवन को त्याग दूं और एक आदर्शमय जीवन बिता सकूँ।
    अगुआ: हे प्रभु हम पर दया कर,
    सब: हे ख्रीस्त हम पर दया कर,
    अगुआ: मरे हुए विश्वासियों की आत्मायें परमेश्वर की दया से शांति में निवास करे।
    सब: आमेन।
    गीत:
    आई है उनकी माता, करने को भेंट उनसे,घबरा गई थी माँ भी, आँसू बहा रही है।
    2. बोझ सबके गुनाह का उठा कर, वो लिये जा रहा है (2)
    क्या खता थी हमारे मसीह की, जालिमों ने जो उसको सजा दी,
    ठोंक दी उसके हाथों में कीलें, फिर भी येसु ने उनको दुआ दी


  • चौथा विश्राम
    येसु की मुलाकात अपनी शोकित माता से होती है

    अगुआ: हे प्रभु हम तेरी आराधना करते और आपको धन्य मानते हैं।
    सब: क्योंकि तूने अपने पवित्र दुःखभोग द्वारा दुनियां को बचाया है।
    अगुआ: अत्यधिक घायल प्रभु येसु फिर उठ्कर, क्रूस की राह पर चल पडते हैं। सिपाही उन्हें मारते, ढकेलते हुए आगे बढाते हैं, और इस क्षण उसकी मुलाकात अपनी शोकित माता से होती है। कितनी दर्दभरी मुलाकात वह रही होगी, बेटे की यह दशा देखकर माता का ममतामय हृदय तीव्र वेदना से भर जाता है। प्रेममूर्ति प्रभु येसु के हृदय में अपनी माता की पीडा देखकर कैसी करूणा जाग गई होगी? क्या हमारी इन्सानियत इसे समझ पाती है? आज हम अपने आस-पास देखें कि हमारी माताओं की स्थिति क्या है, वृद्धावस्था में उन की देखरेख करने के बदले हम उनका तिरस्कार करते हैं, अनाथाश्रमों में उन्हें रख देते हैं, उनकी परवाह नहीं करते हैं। आईए हम अपने जीवन में बदलाव लाने प्रभु से बल मांगे।
    सब: हे करूणानिधान प्रभु येसु मानवता की ओर से तूने एक माता की ममता स्वीकार की, आपके दुःखभोग की घडी में सर्वप्रथम मरियम ने ही आपका साथ दिया। इस महान माँ के प्रति हमारे हृदयों में संवेदना का उदय हो। हे माँ आपके पुत्र के दुःखभोग के द्वारा आने वाले दुर्भाग्य से हम बच जायें, हमें अपने माताओं का आदर करने, उन्हे सुखी रखने और उनकी सेवा करने की कृपा एवं प्रेरणा दे।
    अगुआ: हे प्रभु हम पर दया कर,
    सब: हे ख्रीस्त हम पर दया कर,
    अगुआ: मरे हुए विश्वासियों की आत्मायें परमेश्वर की दया से शांति में निवास करे।
    सब: आमेन।
    गीत:
    सिरनी सिमोन आकर, करते मदद मसीह की लेकिन वो क्रूस फिर भी, ढोते ही जा रहे हैं।


  • पांचवा विश्राम
    सिरिनी सिमोन क्रूस ढोने में येसु की सहायता करते हैं

    अगुआ: हे प्रभु हम तेरी आराधना करते और आपको धन्य मानते हैं।
    सब: क्योंकि तूने अपने पवित्र दुःखभोग द्वारा दुनियां को बचाया है।
    अगुआ: येसु क्रूस ढोते-ढोते बहुत निर्बल हो चुके थे, यह देखकर सिपाही डरने लगते हैं कि कहीं क्रूस के वजन से व थकावट के कारण येसु मार्ग में ही दम न तोढ दे इसलिए सिमोन नामक किरिन निवासी को जो खेत से लौट रहा था पकडकर येसु का क्रूस उठाकर चलने को बाध्य करते हैं, क्योंकि यहूदी नेता चाहते थे, कि येसु की मृत्यु कलवारी पहाडी पर क्रूस पर लटकते हुए ही हो।
    सब: कितना सौभाग्यशाली है सिमोन जो अनजाने में येसु के दुःखभोग में सहभागी बन जाता है, यह सौभाग्य प्रभु के शिष्यों को भी नहीं मिला। क्या हम दूसरों के कष्टों में सहभागी बनते हैं? दुर्बलों, अनाथों, गरीबों, दीन दलितों की सहायता एवं बीमारों की सेवा करते हैं? हे अति मधुर येसु अपने दैनिक जीवन में एक दूसरों की मदद करना हमे सिखा। इस संसार में शांति और न्याय का राज्य स्थापित हो और आपकी बातों को पूरा करना मैं मेरा सौभाग्य मानूं।
    अगुआ: हे प्रभु हम पर दया कर,
    सब: हे ख्रीस्त हम पर दया कर,
    अगुआ: मरे हुए विश्वासियों की आत्मायें परमेश्वर की दया से शांति में निवास करे।
    सब: आमेन।
    गीत:
    बहता लहू पसीना, चेहरे से यूं मसीह के वेरोनिका बेचारी, चेहरे को पोंछती है।
    2. प्राणों से प्यारे येसु मेरे तेरा ही है आसरा
    ये तन तेरा ये मन मेरा जीवन का तू है धनी
    किसको बतायें किसको सुनायें दिल का है ये माजरा


  • छटवां विश्राम
    वेरोनिका येसु का चेहरा पोंछती है

    अगुआ: हे प्रभु हम तेरी आराधना करते और आपको धन्य मानते हैं।
    सब: क्योंकि तूने अपने पवित्र दुःखभोग द्वारा दुनियां को बचाया है।
    अगुआ: हमारे प्रभु येसु का चेहरा खून और पसीने से विकृत दिख रहा है। अपने गुरूवर का यह हाल देखकर वेरोनिका तडप उठती है। भीड और सैनिकों की परवाह किये बिना साहस बटोरकर वह अपने अंगोछे से प्रभु का पवित्र चेहरा पोंछती है ताकि प्रभु को कुछ राहत मिले। इस स्त्री के दयापूर्ण कार्य के प्रति प्रभु अपने पवित्र मुखमण्डल की छवि उस रूमाल पर अंकित कर देते हैं। जो अंतरात्मा की प्रेरणा से प्रेरित होकर परोपकार करते हैं उन पर भी प्रभु अपनी अमिट छाप छोड देते हैं।
    सब: हे प्रेमी येसु पहले तो आपका चेहरा अति सुन्दर था, परन्तु रक्त और पसीने से वह सुन्दरता उड गई है। बपतिस्मा संस्कार में मेरी आत्मा भी सुन्दर थी परन्तु इस दुनियादारी बातों में फंसकर मैनें उस सुन्दरता को मिटा दिया है। प्रभु केवल आप ही उस सुन्दरता को वापस दिला सकते हैं। वेरोनिका के समान हम आपको दिलासा देना चाहते हैं, आप हमें ऐसा वर दे कि हम आपके दुःखभोग की निरंतर याद करके, अपने पापों से धृणा करें। हमारे हृदयों में आपकी तस्वीर अंकित कर, हमें शुद्ध और निर्मल हृदय से धर्माचार करने की असीम कृपा प्रदान कर।
    अगुआ: हे प्रभु हम पर दया कर,
    सब: हे ख्रीस्त हम पर दया कर,
    अगुआ: मरे हुए विश्वासियों की आत्मायें परमेश्वर की दया से शांति में निवास करे।
    सब: आमेन।
    गीत:
    गिरते हैं ख्र्रीस्त येसु, फिर से वो क्रूस लेकर
    पीडाएं सिर बदन की, बढती ही जा रही है।


  • सातवां विश्राम
    येसु दूसरी बार क्रूस के निछे गिरते हैं

    अगुआ: हे प्रभु हम तेरी आराधना करते और आपको धन्य मानते हैं।
    सब: क्योंकि तूने अपने पवित्र दुःखभोग द्वारा दुनियां को बचाया है।
    अगुआ: भूख-प्यास, लोगों कि निंदा, सैनिकों द्वारा लगातार पडी कोडों की मार, चोटों और घावों से अत्याधिक रक्त निकल जाने के कारण और भारी क्रूस के बोझ से, प्रभु का शरीर कमजोर हो गये हैं। पग-पग पर येसु की आंखों-तले अंधेरा छा जाने के कारण प्रभु क्रूस लिए जमीन पर गिरते हैं। हम सब कमजोर इन्सान हैं, हम पापों में बार-बार गिरते रहते हैं, और हमारा जीवन केवल एक दिखावा मात्र है। कई बार हम अपने आप को महान, और दूसरों को तुच्छ समझते हैं। क्या हम प्रभु के वचनों के अनुसार छोटा बनकर सेवा करना पसंद करते हैं?
    सब: हे प्रभु हमारे पापों का बोझ कितना भयंकर था, जिसको ढोते हुए आप जमीन पर फिर से गिर पडे। बार-बार पाप करके हम आपको कितनी पीडायें देते रहते हैं? पाप करते रहना हमारा आदत बन गया है। हे प्रभु हमें क्षमा कर, हमें हमारे शारीरिक विपत्तियों पर विजय पाने की शक्ति प्रदान कर।
    अगुआ: हे प्रभु हम पर दया कर,
    सब: हे ख्रीस्त हम पर दया कर,
    अगुआ: मरे हुए विश्वासियों की आत्मायें परमेश्वर की दया से शांति में निवास करे।
    सब: आमेन।
    गीत:
    कुछ औरतें भी देख कर,
    रोने लगीं मसीह को कहते थे ख्रीस्त उनको,
    रोती क्यों जा रही है।


  • आठवां विश्राम
    येरूसलेम की स्त्रियां येसु के लिए रोती-विलाप करती हैं

    अगुआ: हे प्रभु हम तेरी आराधना करते और आपको धन्य मानते हैं।
    सब: क्योंकि तूने अपने पवित्र दुःखभोग द्वारा दुनियां को बचाया है।
    अगुआ: प्रभु येसु की दयनीय दशा देख कर और उनका दुःख महसूस करते हुए, शहर की कुछ धार्मिक स्त्रियां जो भीड में खडी थीं, उनके लिए रोने व कलपने लगती हैं। और प्रभु येसु को मालूम था कि उनके प्रति यहूदियों के इस दुर्व्यवहार के कारण येरूसलेम पर घोर विपत्ति आनेवाली है। इसलिये वह उनकी ओर मुडकर उनसे कहने लगा ‘हे येरूसलेम की पुत्रियों, मेरे लिए मत रोओ, परन्तु अपने लिए और अपने बच्चों के लिए रोओ’। चालीसा का समय हमारे लिए पश्चात्ताप का समय है। क्या हम प्रभु के पास वापस आकर क्षमा की याचना करते है? या केवल उपरी मन से हम अपने पापों पर मगरमच्छ के आंसू बहाते हैं।
    सब: हे प्रभु अपनी असहाय पीडा में भी आप दूसरों के दुःखों पर ध्यान देते हैं। आप से प्रेरणा पाकर हम संवेदनशील बनें और बाहरी आडंबर को छोडकर दिल की गहराईयों से सन्मार्ग पर चलें। आप के समान शांति, प्रेम और मेल मिलाप का वातावरण बनायें, स्वयं के दुखों को भूलकर दूसरों के दुःख मिटाने और उन्हें दिलासा देने की शक्ति हमें प्रदान कर। हे दयालु येसु अपने हृदय की आवाज सुनकर हमें सदाचार बनने की कृपा दे।
    अगुआ: हे प्रभु हम पर दया कर,
    सब: हे ख्रीस्त हम पर दया कर,
    अगुआ: मरे हुए विश्वासियों की आत्मायें परमेश्वर की दया से शांति में निवास करे।
    सब: आमेन।
    गीत:
    थक गये वो चलते-चलते, गिर गये हैं फिर जमीं पर।
    इतने दुःखों को सहकर, फिर भी वो चल दिये हैं।


  • नवां विश्राम
    येसु तीसरी बार क्रूस के निचे गिरते हैं

    अगुआ: हे प्रभु हम तेरी आराधना करते और आपको धन्य मानते हैं।
    सब: क्योंकि तूने अपने पवित्र दुःखभोग द्वारा दुनियां को बचाया है।
    अगुआ: येसु अब कलवारी पहाड की चोटी के करीब पहुंच गये हैं, धूप बहुत तेज है, प्यास से उनके होंट सूख गये हैं। भारी क्रूस आगे ले जाने के लिए उसमें ताकत नहीं है, इतने कमजोर वह बन गये हैं कि आगे कदम उठाना बहुत मुश्किल बन गया है और उस भारी क्रूस के नीचे वे गिर जाते हैं। सूली की राह का हर मुकाम, पिता के प्रति पुत्र की निस्वार्थ प्रेम की कहानी कहता है। आत्मत्याग ही ईश्वरीय शक्ति का अनन्त स्त्रोत है। प्रभु की यह दशा, यहूदियों और याजकीय वर्ग के घमण्ड, द्वेष और अविश्वास के कारण हुई, और आज हम भी अपने दुष्कर्मों द्वारा इसे दोहरा रहे हैं। क्या हम अपनी गिरी हुई दशा से उपर उठने का प्रयास करते हैं? क्या हम मसीह के कारण अपनी दुर्बलताओं पर, अपमानों, कष्टों, अत्याचारों और संकटों पर गर्व करतें है? हे प्रभु हमें दीन-हीन बनने की कृपा दे।
    सब: हे दया सागर येसु, ईश्वर होते हुए भी एक इन्सान के रूप में आपने अपार पीडा सही। क्रूस का बोझ ढोते-ढोते आप तीन बार गिर पडे। हे प्रभु हमारे पापमय हृदय को स्पर्श कर कि दूसरों के प्रति हम अधिक क्षमाशील, विनम्र, और सहनशील बनें। विपत्तियों में हताश न होकर आपके समान सहन करने की हिम्मत हमें प्रदान कर।
    अगुआ: हे प्रभु हम पर दया कर,
    सब: हे ख्रीस्त हम पर दया कर,
    अगुआ: मरे हुए विश्वासियों की आत्मायें परमेश्वर की दया से शांति में निवास करे।
    सब: आमेन।
    गीत:
    कपडे थे जब उतारे, जख्मों भरे बदन से।
    फिर से लहू की बूंदें, बहती ही जा रही है।


  • दसवां विश्राम
    प्रभु येसु के वस्त्र उतारे जाते हैं

    अगुआ: हे प्रभु हम तेरी आराधना करते और आपको धन्य मानते हैं।
    सब: क्योंकि तूने अपने पवित्र दुःखभोग द्वारा दुनियां को बचाया है।
    अगुआ: प्रभु येसु को सिपाही लोग घसीटकर खडा कर देते हैं और मारते ढकेलते हुए वध स्थल पर ले चलते हैं जहाँ रोमन प्रथा के अनुसार घोर अपराधियों को क्रूस पर चढा कर मृत्युदण्ड दिया जाता था। सिपाही उन्हें क्रूस पर ठोकने का प्रबन्ध कर रहे हैं। उनके लहू लुहान शरीर से चिपके वस्त्रों को उन्होंने बडी क्रूरता एवं निर्दयता के साथ खींचकर उतारे, वह उस विशाल भीड की पापी नजरों के सामने निर्वस्त्र हो कर खडा रहा। प्रभु के घाव फिर से खुल जाते हैं, लहू जोर से बहने लगता है। प्रभु के असहाय पीडा से छटपटाते देख कर वे उनकी हंसी उडाते हैं। आज समाज में अश्लीलता बढती जा रही है, अश्लील मनोरंजन के साधन हमें आकर्षित करते हैं, अशुद्ध वचनों एवं कार्यों से हम आपको निर्वस्त्र करते हैं, एक दूसरे की बुराइयों का ढिंढोरा पीटकर अपनी गलतियों पर पर्दा डालते हैं।
    सब: हे प्रभु हमारे घोर लज्जाजनक पापों के कारण आपका अपमान हुआ और आज भी हम आपका अपमान करते हैं। हम तुझसे दीनता पूर्वक प्रार्थना करते हैं कि जो धोखा, घमण्ड और झूठी मर्यादा का पर्दा हम पर पडा है, उसे हटा दे। हमें अपनी गलती समझने की शक्ति दे, विनीत और नम्र स्वभाव का हमें बना ताकि दूसरे जीवन में हमें लज्जा उठानी न पडे।
    अगुआ: हे प्रभु हम पर दया कर,
    सब: हे ख्रीस्त हम पर दया कर,
    अगुआ: मरे हुए विश्वासियों की आत्मायें परमेश्वर की दया से शांति में निवास करे।
    सब: आमेन।
    गीत:
    अब क्रूस पर लिटा कर, कीलों से जड दिया है।
    मुक्ति के वास्ते वो, बलिदान दे रहे हैं।
    2. येसु ने कलवारी दुःख क्यों सह लिया, मुझ पापी में क्या देखा था,
    कोई खूबी नहीं (2) मुझमें कोई भी खूबी नहीं।
    पांव से न मैं तेरी राह चला, हाथ से न मैंने तेरी सेवा की।


  • ग्यारहवां विश्राम
    प्रभु येसु क्रूस पर ठोंका जाता हैं

    अगुआ: हे प्रभु हम तेरी आराधना करते और आपको धन्य मानते हैं।
    सब: क्योंकि तूने अपने पवित्र दुःखभोग द्वारा दुनियां को बचाया है।
    अगुआ: क्रूस को धरती पर रखने के बाद सैनिक प्रभु येसू को क्रूस पर लिटाते हैं। वे उनके हाथ-पैर खींचकर निर्दयता से कीलें ठोंकतें हैं और उन्हें क्रूस पर टांग देते हैं, खून के फव्वारे फूट पडते हैं और मसीह का शरीर अपार वेदना से छटपटाने लगता है। सैनिक क्रूरता से सूली को खडा कर देते हैं। येसु अपने सनातन पिता के चरणों में अपने दुःखमय अंगों को समर्पित करते है, तीन घंटो तक असहनीय कष्ट सहते हुए हम पापियों के उद्धार करने अपने पिता की इच्छा पूरी करतें हैं।
    सब: हे प्रभु येसु, आपने स्वर्ग और पृथ्वी के बीच लटकते हुए, स्वर्ग और पृथ्वी के बीच के फासले को भर दिया। आपने क्रूस पर से मनुष्य के बीच मेल कराया है। हमें यह कृपा दे कि हम क्रूस का सदा उपयोग करते हुए, अपने ईश्वर और अपने भाई-बहनों से हमेशा जुडे रहें। बहुत से लोग आप को जानते नहीं और जो जानते हैं वह आपसे प्रेम नहीं करते। कृपया इन सबों को अपनी ओर खींच ले ताकि वे आपके क्रूस के पुण्य-फलों के भागी होकर अनन्त सुख प्राप्त कर सकें।
    अगुआ: हे प्रभु हम पर दया कर,
    सब: हे ख्रीस्त हम पर दया कर,
    अगुआ: मरे हुए विश्वासियों की आत्मायें परमेश्वर की दया से शांति में निवास करे।
    सब: आमेन।
    गीत:
    कहाँ काहाँ मैं भटक रहा था, मिला तेरे द्वारा मिटा अंधेरा
    मेरे हृदय का मिला वो उजियारा।
    वहां मुझे ले चलो मेरे प्रभु, मरने पे जीने को मेरे प्रभु।
    तू ही मेरे पापों को क्षमा करे, तेरा ही दरस हो मेरे प्रभु।


  • बारहवां विश्राम
    येसु क्रूस पर मर जाते हैं

    अगुआ: हे प्रभु हम तेरी आराधना करते और आपको धन्य मानते हैं।
    सब: क्योंकि तूने अपने पवित्र दुःखभोग द्वारा दुनियां को बचाया है।
    अगुआ: दोपहर से तीसरे पहर तक पूरे प्रदेश में अंधेरा छाया रहा। तीन घंटों तक प्रभु येसु क्रूस पर हाथ पसारे टंगे रहे, उनके पावन शरीर से टप टप खून की बूंदे धरती पर टपक रही थी। वे भयंकर पीडायें झेल रहे थे, फिर भी उन्होंने अपने वधिकों को क्षमा कर दिया। येसु के दायें और बायें दो डाकू भी क्रूस पर चढाये गये थे। भले डाकू को स्वर्ग-सुख और अपनी माता को अपने शिष्य और शिष्य को अपनी माता को सौंप दिया। इसके बाद प्रभु ने ऊंचे स्वर में पुकार कर कहा ‘हे ईश्वर मैं अपनी आत्मा तेरे हाथों में सौंपता हूं’ और सिर झुकाकर अपने प्राण त्याग दिये। उसी समय मंदिर का पर्दा ऊपर से नीचे तक फटकर दो टुकडे हो गया, पृथ्वी कांप उठी, चट्टानें फट गई, कब्रें खुल गई और बहुत से मृत संतों के शरीर पुनर्जीवित हो गये। शतपति ने यह सब देखकर ईश्वर की स्तुति करते हुए कहा - ‘निश्चय ही यह मनुष्य ईश्वर का पुत्र था’।
    सब: हे प्रभु हम बडी भक्ति के साथ उस क्रूस को गले लगाते हैं जिस पर मरते दम तक टंगे रहकर तूने हमें प्यार किया है। आप हमारे पापों के कारण छेदित किये गये, हमारे कुकर्मों के कारण कुचल दिये गये। आप के बलिदान का उद्धेश्य यह है, कि हम हर प्रकार की बुराई व दोष से मुक्त हो जायें। हे प्रभु आप की मुक्तिदायी एवं जीवनदायी मृत्यु के वर्ष, प्रधान याजक कैफस ने यहूदियों को यह परामर्श दिया था ‘सम्पूर्ण राष्ट्र को बचाने के लिये एक ही मनुष्य मर’। आप की मृत्यु के कारण अपराधी बराब्बस बच गया, मुक्त हुआ। ठीक उसी प्रकार हम सब पापी भी बच जाते हैं, मुक्त होते हैं। हे प्रभु आपकी इस महती दया के लिये हम सदैव आपके ऋणी रहेंगे।
    अगुआ: हे प्रभु हम पर दया कर,
    सब: हे ख्रीस्त हम पर दया कर,
    अगुआ: मरे हुए विश्वासियों की आत्मायें परमेश्वर की दया से शांति में निवास करे।
    सब: आमेन।
    गीत:
    सूली से तब उतार कर, रखा था मां की गोद में।
    मरियम मसीह को देख कर, रोती ही जा रही है।
    2. जो क्रूस पे कुर्बान है, वो मेरा मसीह है हर जख्म जो उसका है,
    वो मेरे गुनाहों का है किसको बतायें किसको सुनायें दिल का है ये माजरा


  • तेरहवां विश्राम
    येसु अपनी पवित्र माता की गोद में रखे जाते हैं

    अगुआ: हे प्रभु हम तेरी आराधना करते और आपको धन्य मानते हैं।
    सब: क्योंकि तूने अपने पवित्र दुःखभोग द्वारा दुनियां को बचाया है।
    अगुआ: वह तैयारी का दिन था। यहूदी यह नहीं चाहते थे कि शव विश्राम के दिन क्रूस पर रह जाये। इसलिए उन्होंने पिलातुस से निवेदन किया कि उनकी टांगे तोड दी जाये और शव हटा दिये जाये। लोगों की भीड अब कलवारी की पहाड से विदा हो गई है। सिपाहियों ने देखा कि प्रभु येसु मर चुके हैं, फिर भी अपना शंका दूर करने के लिए एक सैनिक ने उनके बगल में भाला मारा और तुरन्त रक्त और जल बह निकला। संध्या हो जाने पर अरिमथिया के योसेफ, जो महासभा का एक सम्मानित सदस्य था, और ईश्वर के राज्य की प्रतीक्षा में था, उसने महासभा की योजना और षडयंत्र से असहमति जताई थी, निकोदेमुस के साथ मिल कर, येसु का पवित्र शव क्रूस पर से उतार कर मरियम की गोद में रख दिया।
    सब: हे माता, प्रभु के मृत शरीर को आपके गोद में लेते हुए जो असहनीय मानसिक एवं आत्मिक पीडा आपको सहना पडी, उसे समझने की कृपा मुझे प्रदान कर। आप के समान ईश्वर के राज्य के लिए अपने दैनिक जीवन के शहादत को सहर्ष स्वीकार करने की कृपा हमें प्रदान कर।
    अगुआ: हे प्रभु हम पर दया कर,
    सब: हे ख्रीस्त हम पर दया कर,
    अगुआ: मरे हुए विश्वासियों की आत्मायें परमेश्वर की दया से शांति में निवास करे।
    सब: आमेन।
    गीत:
    अब रख दिया है कब्र में, मेरे मसीह की लाश को।
    चेले अब उनको गाड कर, दुःख में ही चल दिये।
    2. कहाँ कहाँ मैं भटक रहा था, मिला तेरे द्वारा,
    मिटा अंधेरा मेरे हृदय का, मिला वो उजियारा।
    वहाँ मुझे ले चलो मेरे प्रभु, मरने पे जीने को मेरे प्रभु
    तू ही मेरे पापों को क्षमा करें, तेरा ही दरस हो मेरे प्रभु


  • चौदहवां विश्राम
    प्रभु का पार्थिव शरीर कब्र में रखा जाता हैं

    अगुआ: हे प्रभु हम तेरी आराधना करते और आपको धन्य मानते हैं।
    सब: क्योंकि तूने अपने पवित्र दुःखभोग द्वारा दुनियां को बचाया है।
    अगुआ: यहूदियों की दफन विधि के अनुसार येसु को सुगंधित द्रव्यों के साथ छालटी की पट्टियों में लपेटा। माँ की गोद से पुत्र का शव लेकर शिष्यों ने उस कब्र में रख दिया जिसे अरिमथिया के यूसुफ ने हाल ही में चट्टान में खुदवाया था। उस कब्र के मुँह पर एक बडा सा पत्थर लुढका कर सब मुंह लटकाये चले जाते हैं।
    सब: हे विजयी येसु, आपका शरीर केवल तीन ही दिन कब्र में रहा। जब और जिस तरह तेरी इच्छा होगी, हम भी मृत्यु के बाद दफनाए जाएंगे। हमारा धूल से बना यह इतना सुन्दर शरीर धूल में मिल जायेगा। परन्तु हमारी आत्मा को आप ग्रहण कर और हमें सदा सर्वदा तेरे प्यार में जीने दे।
    अगुआ: हे प्रभु हम पर दया कर,
    सब: हे ख्रीस्त हम पर दया कर,
    अगुआ: मरे हुए विश्वासियों की आत्मायें परमेश्वर की दया से शांति में निवास करे।
    सब: आमेन।
    गीत:
    तेरे प्यार को मैं ढूंढता, हर प्यार में, तेरे प्यार को
    तू ही तो है जो बुलाता, तू ही तो है जो चलाता
    प्यार की पुकारों में मैं ढूंढता …तेरे प्यार को …


  • पंद्रहवां विश्राम
    प्रभु येसु का पुनरूत्थान

    अगुआ: हे प्रभु हम तेरी आराधना करते और आपको धन्य मानते हैं।
    सब: क्योंकि तूने अपने पवित्र दुःखभोग द्वारा दुनियां को बचाया है।
    अगुआ: विश्राम दिवस के बाद मरियम मगदलेना, याकूब की माता मरियम और सलोमी ने सुगंधित द्रव्य खरीदा, ताकि जाकर येसु के शरीर पर विलेपन किया जाये। वह आपस में कह रही थीं: ‘कौन हमारे लिये कब्र के द्वार से पत्थर लुढका कर हटा देगा?’ परन्तु वहां पहुंचने पर उन्होंने देखा कि कब्र के द्वार पर रखा गया पत्थर लुढकाया हुआ था। जब वे अन्दर गये उन्होंने एक लम्बा श्वेत वस्त्र पहने नवयुवक को वहां बैठा हुआ देखा। उसने उनसे कहा: ‘डरिये नहीं, आप लोग येसु नाजरी को ढूंड रहीं हैं जो क्रूस पर चढाये गये थे, वे जी उठे हैं, वे यहां नहीं हैं’।
    सब: हे पुनर्जीवित प्रभु येसु, अपने पुनरूत्थान द्वारा आपने मानव जाति के शत्रुओं को अपने पैरों तले रौंद दिया। मृत्यु को ही नष्ट कर डाला, आप मृत्युंजय है। आप पुनरूत्थान और जीवन है, आप ही के पास अनंत जीवन है, आप तीनों लोकों के स्वामी हैं। आप के पुनर्जीवित होने से, नश्वर शरीर ने अनश्वरता को धारण किया, जिसके कारण मरणशील जीवन अब अमर हो गया है ।
    अगुआ: हे प्रभु हम पर दया कर,
    सब: हे ख्रीस्त हम पर दया कर,
    अगुआ: मरे हुए विश्वासियों की आत्मायें परमेश्वर की दया से शांति में निवास करे।
    सब: आमेन।
    गीत:
    मुक्ति दिलाये येसु नाम, शान्ति दिलाये येसु नाम।
    येसु दया का गहरा सागर, येसु है दाता महान ।


  • पवित्र क्रूस की प्रार्थना

    हे वंदना योग्य, मेरे लिए क्रूस पर न्यौछावर येसु खीस्त, हे येसु के पवित्र क्रूस, मेरे मन के विचार को देख। हे येसु के पवित्र क्रूस, हर कष्टों से मुझे बचा। हे येसु के पवित्र हृदय, मेरे दुश्मनों के हाथों से मुझे संभालकर रख। हे पवित्र क्रूस, अचानक और दुःखदायी मृत्यु से मेरी रक्षा कर तथा मुझे जीवन प्रदान कर। हे क्रूस पर मरे नाज़रेत के येसु, सदा मुझपर दया कर। हे बधाई योग्य मेरे येसु, क्रूस पर मरकर तीसरे दिन जी उठने वाले और पिता परमेश्वर से अधिकार प्राप्त करने वाले मेरे येसु आपकी बढ़ाई हो। यह सच है कि येसु क्रिसमस के दिन गौशाले में पैदा हुए। यह सच है कि तीन राजाओं ने येसु के पैदा होने के तेरहवे दिन अपनी भेंट येसु को अर्पित की थी। यह सच है कि येसु पुण्य शुक्रवार के दिन कलवारी पर्वत पर क्रूस पर मरे थे। यह सच है कि येसु तीसरे दिन जी उठे थे। इसलिये येसु को मेरा सम्मान। मुझे मेरे दुश्मनों से संभाल और सदा के लिये मेरा येसु मुझ पर रहम करे। माता मरियम और संत यूसुफ मेरे लिए विनती करो। येसु के मृत शरीर को क्रूस पर से उतारने वाले एवं उसको दफनाने वाले यूसुफ और निकोदेमुस मेरे लिए प्रार्थना करो। हे येसु आपने अपने कष्टों द्वारा इस पापी संसार को मुक्त किया है. मुझे ऐसा बल दे कि मैं अपना क्रूस शांति से उठा कर चल सँकू और तेरे कष्टों द्वारा मैं अपने ऊपर आनेवाले सारे कष्टों पर विजय पा सँकू। आमेन्।

दम्पतियों के लिये प्रर्थना


हे प्रभु ईश्वर, आप ही जीवन का स्रोत है। आपने आदम की सृष्टि कर उसे एक उपयुक्त सहयोगिनी प्रदान की। विवाह संस्कार द्वारा आपने हमें प्रेम के अटूट बंधन में एक दुसरे से जोड़ा है। आपकी यह इच्छा है कि हम पति-पत्नी बन कर, अपने वैवाहिक जीवन द्वारा, सब लोगों को मनुष्य के प्रति आप के अनंत प्रेम की याद दिलाते रहें! हम से आप यह अपेक्षा रखते हैं कि हमारा संबंध प्रभु येसु तथा कलीसिया के अटल संबंध के सामान दृढ़ बने रहे! हे प्रभु, हमें अपने वरदानों से भर दीजिये ताकि हम आप के तथा एक दुसरे के प्रति विश्वसनीय रह कर ईमानदारी से अपने कर्तव्यों को निभाते रहें! स्वर्ग की ओर हमारी तीर्थयात्रा में, सुसमाचारीय शिक्षा पर जीवन बिताने में हम एक दुसरे की सहायता करते रहें! आपकी करुणा से हमें प्राप्त संतानों की देख-रेख तथा मार्गदर्शन बड़ी तत्परता से कर सकें! इस प्रकार इस दुनिया में हमारा जीवन समाप्त होने पर हम स्वर्ग पहुँच कर दूतों और संतों के साथ त्रिएक ईश्वर का अनंत काल तक स्तुतिगान कर सकें! हमारे प्रभु ख्रीस्त के द्वारा! आमेन!

पुरोहितों के लिए प्रार्थना


हे भले येसु, हमारे शाश्वत पुरोहित, अंतिम दिन तक तेरी उपस्थिति इस संसार में बनाये रखने, विश्व के सभी राष्ट्रों तथा जातियों के बीच, तेरे मुक्ति–कार्य को पूरा करने के लिए, तूने हममें से कुछ लोगों को, तेरी दिव्य पुरोहिताई के लिए चुन लिया है। तेरी इस असीम दयालुता एवं प्रज्ञा के लिए हम तुझे हृदय से धन्यवाद देते हैं।
हे दयालु प्रभु! हमारे पुरोहितों को पवित्र कर और उन्हें अपनी आशिष प्रदान कर। उनके मन में पुरोहिताई के उच्च विचारों को उत्पन्न कर और उनके जीवन में पुरोहितिक सदगुणों की प्रखर आभा आलोकित होने दे; ताकि वे वास्तविक रूप से ’दूसरा खीस्त’ बन सकें।
हे कृपासागर! हमारे पुरोहितों में पूर्ण ब्रह्मचर्य, सहृदय आज्ञाकारिता एवं उत्कृष्ट सेवा करने की भावना भर दे। चिंतन की मनोवृत्ति, भक्तिमय प्रार्थना और अगाध सांस्कारिक जीवन से परिपूर्ण, तेजस्वी आत्मिक जीवन जीने में उनकी सहायता कर।
हे मधुर येसु! उनका जीवन विश्वासी समुदाय के लिए एक आदर्श बन जाये। वे हमेशा सब लोगों के लिए तेरी कृपा के जीवंत माध्यम बन जायें।
प्रभु येसु! उनके पुरोहितिक जीवन और प्रेरितिक कार्य में अपनी आशिष बरसा; ताकि वे इस जीवन में तेरी सेवा अच्छी तरह कर सकें और मरने के बाद, तेरे साथ अनन्त काल तक तेरी महिमा गा सकें। आमेन।

येशु के परम पवित्र ह्रदय की भक्ति


  • गुणानुवाद
    अगुआ: हे येसु के परमपवित्र हृदय! बड़ी दीनता के साथ मैं तेरी आराधना करता हूँ। तू तो मेरे प्रभु और मुक्तिदाता का हृदय है जो सम्पूर्ण आदर और आराधना के सर्वथा योग्य है। तू परमेश्वर का पूजनीय मंदिर है जिस में उसकी अनन्त आराधना की जाती है।
    सब: आदर, प्रेम और प्रशंसा होवें, येसु के परम पवित्र हृदय की।
    (प्रत्येक बार दोहराइये)
    अगुआ: हे येसु के हृदय! तू अत्यन्त प्रशंसनीय है, क्योंकि तू परमेश्वर का राज–महल है जिस में से वह स्वर्ग और पृथ्वी पर राज्य करता है।
    -तू परमेश्वर को अत्यन्त प्रिय है क्योंकि तू सृष्टि का सब से मनोहर कमल है, जो अपनी सुन्दरता और सुगंध से परमेश्वर को प्रसन्न करता रहता है।
    -तू परम पूजनीय है क्योकि तू वही बलिदान का कटोरा है जिस में हम मनुष्यों की मुक्ति के लिये हमारे प्रभु ने परमेश्वर को अपना बहुमूल्य रक्त चढ़ाया था।
    -तू वही कृपा का अथाह सागर है, जिससे दीन–दरिद्र मनुष्यों को अमर जीवन प्राप्त होता है।
    -तू परमेश्वर की जीवित वेदी है जिस प्रचंड प्रेमाग्नि के कारण प्रभु येसु ने मनुष्यों की मुक्ति के लिये अपने आप को बलि चढ़ाया।
    -तू ईश्वरीय सत्य का सूर्य है, जो इस जीवन के अंधकार में, स्वर्ग–पथ को निरंतर आलोकित करता है।
    -मेरे ही प्रेम के कारण तूने अपने आपको भाले से छेदने दिया ताकि मैं विपत्ति के समय तेरी शरण में आ सकूँ।
    -तू अत्यन्त दयालु और भला है क्योंकि मेरे अपराधों को नष्ट करने के लिये तूने अंतिम बूँद तक अपना रक्त बहाया।
    -तू वह सुन्दर पुल है जिस पर चढ़कर हम परमेश्वर तक पहुँच सकते हैं।
    -हमारे लिए तेरे सिवा ईश्वर के पास जाने का कोई दूसरा साधन नहीं है।
    प्रार्थना: हे प्रभु येसु ! मुझ पर, इस लोक में अपने हृदय का प्रताप अधिक से अधिक मात्रा में प्रकट कर तथा मेरे हृदय में अपने प्रेम की अग्नि सुलगा दे। अपनी कृपा से मुझे स्वर्ग–लोक में पहुंचाईये जहाँ मैं स्वर्गदूतों और संतों के साथ आपके परम पवित्र हृदय का इस प्रकार सदा गुणानुवाद किया करूँगा। आमेन।
    (भजन)


  • येसु के परम पवित्र हृदय से समर्पण–प्रार्थना

    अगुआ: हे मधुर येसु, मनुष्य जाति के त्राणकत्र्ता! हम पर दृष्टि ड़ालिए जो आपकी वेदी के सामने बड़ी दीनता के साथ दंडवत् करते हैं। हम आपके हैं और आपके ही रहना चाहते हैं। इससे भी अधिक आप से संयुक्त होने के लिए अब हम में से प्रत्येक व्यक्ति प्रसन्नतापूर्वक अपने आपको आपके परम पवित्र हृदय को आत्मसमर्पण करता है।
    सब: अनेक व्यक्तियों ने आपको कभी भी नहीं जाना और अनेकों ने आपकी आज्ञाओं को तुच्छ जान, आपको त्याग दिया। हे परम दयालु येसु ! उन पर दया कीजिए और उन सबको अपने पवित्र हृदय की ओर आकर्षित कीजिए।
    अगुआ: हे प्रभु ! आप राजा हैं केवल उन विश्वासियों के ही नहीं, जो कभी आपसे दूर न हटे, किन्तु उन कुपुत्रों के भी जिन्होंने आपको छोड़ दिया है। ऐसा करें कि वे शीघ्र ही अपने पितृ–गृह में पुन: लौट आवें, ताकि वे कंगाली और भूख से बरबाद न हो।
    सब: हे प्रभु ! अपनी कलीसिया को सुरक्षा, स्वतंत्रता और कुशलता दें। सब राष्ट्रों को सुख और शांति प्रदान करें। पृथ्वी के एक धु्रव से दूसरे धु्रव तक यही एक शब्द सुनने में आवे कि जिस से हमारी मुक्ति हुई है उस ईश्वरीय हृदय की जय हो ! अनन्त काल तक उसकी महिमा और स्तुति होती रहे। आमेन।
    येसु के परम पवित्र हृदय से परिवारों की प्रायश्चित्–प्रार्थना
    (महीने के पहले शुक्रवार के लिए)
    अगुआ: हे मधुर येसु ! आप मनुष्यों से असीम प्रेम करते हैं। किन्तु फिर भी कितने लोग आपको भूल जाते हैं, कितने ही लोग आप की परवाह नहीं करते और आपको तुच्छ मानते हैं। हम आपकी इस वेदी के सामने दंड़वत् करके आपके परम पवित्र हृदय को मनुष्यों की इस दुष्ट उदासीनता एवं अपमान का बदला देना चाहते हैं।
    सब : हमें इसका भारी दु:ख है कि हमने भी कभी आपका अपमान किया। इसलिये हम पहले–पहल अपने ही लिये आप से क्षमा माँगते हैं। आज हम अपने अपराधों के लिये प्रायश्चित करके प्रसन्नता–पूर्वक उनका बदला देने को तैयार हैं। किन्तु हम केवल अपने ही अपराधों के लिये नहीं, प्रत्युत उन सब मनुष्यों के लिये भी बदला देना चाहते हैं, जो मुक्ति–मार्ग से दूर भटक रहे हैं। चाहे वे अविश्वास में दृढ़ होकर आपको अपना चरवाहा और पथ–प्रदर्शक मानने से इन्कार करते हों ; चाहे उन्होंने बपतिस्मा संस्कार की प्रतिज्ञाएँ भंग करके आपके धर्म का मधुर जूआ उतार फेंका हो।
    परम पवित्र हृदय से आह्वान–प्रार्थना
    हे प्रभु, ........ हम पर दया कर।
    हे ख्रीस्त, ........ हम पर दया कर।
    हे प्रभु, ........ हम पर दया कर।
    हे ख्रीस्त ........ हमारी प्रार्थना सुन।
    हे ख्रीस्त, ........ हमारी प्रार्थना पूर्ण कर।
    हे स्वर्गवासी पिता–ईश्वर, ........ हम पर दया कर।
    हे पुत्र–ईश्वर, दुनिया के मुक्तिदाता, ........ हम पर दया कर।
    हे पवित्रात्मा ईश्वर, ........ हम पर दया कर।
    हे पवित्र त्रिएक परमेश्वर, ........ हम पर दया कर।
    हे येसु के हृदय, सनातन पिता के पुत्र,
    हे येसु के हृदय, जो पवित्रात्मा द्वारा कुँवारी मरियम के गर्भ में बनाया गया।
    हे येसु के हृदय, जो वास्तव में ईश्वर के शब्द से मिला हुआ है।
    हे येसु के हृदय, परमेश्वर के पवित्र मंदिर।
    हे येसु के हृदय, सर्वप्रधान के तम्बू।
    हे येसु के हृदय, परमेश्वर के भवन और स्वर्ग के द्वार।
    हे येसु के हृदय, धर्म और प्रेम के निवास–स्थान।
    हे येसु के हृदय, भलाई और प्रेम से परिपूर्ण।
    हे येसु के हृदय, सर्वगुणों के अथाह सागर।
    हे येसु के हृदय, सर्वप्रशंसनीय।
    हे येसु के हृदय, सब हृदयों के राजा और केन्द्र।
    हे येसु के हृदय, समस्त बुद्धि और ज्ञान के भण्ड़ार।
    हे येसु के हृदय, पूर्ण ईश्वरत्व के निवास–स्थान।
    हे येसु के हृदय, जिससे पिता अत्यन्त प्रसन्न हुआ है।
    हे येसु के हृदय, जिसकी पूर्णता से हम सब को कृपाएँ प्राप्त हुई हैं।
    हे येसु के हृदय, धर्मपुरखों की अभिलाषा।
    हे येसु के हृदय, दया और धैर्य से परिपूर्ण।
    हे येसु के हृदय, सब प्रार्थियों के उपकारी।
    हे येसु के हृदय, जीवन और पवित्रता के स्रोत।
    हे येसु के हृदय, हमारे पापों की प्रायश्चित–बलि।
    हे येसु के हृदय, अपमानों से पीडि़त।
    हे येसु के हृदय, जो हमारे अपराधों के कारण भाले से छेदा गया।
    हे येसु के हृदय, मृत्यु–पर्यन्त आज्ञाकारी।
    हे येसु के हृदय, समस्त सांत्वना के स्रोत।
    हे येसु के हृदय, हमारे जीवन और पुनरूत्थान।
    हे येसु के हृदय, शांति और मैत्री के दाता।
    हे येसु के हृदय, अपने आश्रितों के उद्धारकर्ता।
    हे येसु के हृदय, मरणासन्न लोगों की आशा।
    हे येसु के हृदय, सब सन्तों के आनन्द।
    हे परमेश्वर के मेमने, तू संसार के पाप हर लेता हैं।… हे प्रभु, हमें क्षमा कर।
    हे परमेश्वर के मेमने, तू संसार के पाप हर लेता हैं। …हे प्रभु, हमारी प्रार्थना पूर्ण कर।
    हे परमेश्वर के मेमने, तू संसार के पाप हर लेता हैं। …हम पर दया कर।
    अगुआ: हे हृदय के नम्र और विनीत येसु!
    सब: अपने ही हृदय के समान हमारे हृदयों को भी बना दे।
    अगुआ:हम प्रार्थना करें (कुछ ठहर कर) :– हे सर्वशक्तिमान सनातन भगवान! अपने परम प्रिय पुत्र के हृदय पर दृष्टि डाल और इन गुणानुवादों तथा दंडचुकावों पर ध्यान दे, जिनको वह पापियों के नाम पर तुझे चढ़ाते हैं। तू अपने पुत्र येसु ख्रीस्त ही के नाम पर, जो तेरे साथ परमेश्वर होकर, पवित्रात्मा के साथ युगानयुग जीवित रहते और राज्य करते हैं, प्रसन्न होकर हमें जो तेरी दया माँगते हैं, क्षमा कर। आमेन।


  • येसु के परम पवित्र हृदय को परिवारों का समर्पण

    (महीने के पहले शुक्रवार के लिए ’’हे येसु’’ से ’’अपवित्र करते हैं’’ तक)
    हे येसु के पवित्रतम हृदय! तूने संत मार्गरेट मरियम से अपनी यही आकांक्षा प्रकट की थी कि तू काथलिक परिवारों पर ही राज्य करना चाहता है। तुझे प्रसन्न करने के लिये आज हम यहाँ एकत्रित होकर तुझे अपने परिवार का स्वामी और राजा स्वीकार करते हैं हम निश्चय करते हैं कि हम तेरे ही आदर्श के अनुसार व्यवहार किया करेंगे। तूने जिन सद्गुणों के पालन से इस दुनिया को शांति देने की प्रतिज्ञा की है, उन सद्गुणों को अपने परिवार में भी हम विशेष रीति से पालेंगे और तूने जिस सांसारिक प्रभाव को दोष दिया था, उसे हम अपने परिवार से दूर ही रखेंगे। इन सब शोचनीय अपराधों के लिये हम आपके सामने प्रायश्चित करने का प्रयत्न करेंगे। विशेषत: हम उन लोगों के स्थान में बदला देना चाहते हैं जो पवित्र शुद्धता के विरूद्ध अनुचित व्यवहार से पाप करते हैं और निर्दोष लोगों को पाप के जाल में फंसाने का प्रयत्न करते हैं; या जो रविवार अथवा हुक्म–पर्व के दिनों को अपवित्र करते हैं, अथवा आपकी, और आपके संतो की निन्दा करते हैं। फिर कितने लोग संत पाप अथवा आपके पुरोहितों का अपमान करते हैं, आपके ईश्वरीय प्रेमयुक्त परमप्रसाद की परवाह नहीं करते अथवा उसे अयोग्य रीति से ग्रहण करके अपवित्र करते हैं।
    आपके ईश्वरीय आदर में जो क्षति होती है, आज हम उसकी पूर्ति करना चाहते हैं। अत: जो प्रायश्चित् आपने पहले क्रूस पर अपने पिता के सामने किया था और जो आप अब भी प्रतिदिन हमारी वेदियों पर पुन: किया करते हैं, वही प्रायश्चित् लेकर और कुवाँरी मरियम तथा सब सन्तों व धार्मिक विश्वासियों के पुण्य–फलों को मिलाकर हम आपको समर्पित करते हैं। हम हृदय से यह प्रतिज्ञा करते हैं कि भविष्य में हम आपकी कृपा पर आशा रखकर उचित व्यवहार से आपके असीम प्रेम के प्रति मनुष्यों की उदासीनता और उनके दूसरे सब अपराधों का बदला देंगे। हम आप पर दृढ़ विश्वास करेंगे। हम निर्मल आचरण करेंगे। इसके अतिरिक्त यथाशक्ति हम दूसरे मनुष्यों को भी आपका अपराध करने से रोकेंगे और बहुत से अन्य लोगों को आपके अनुयायी बनाने की चेष्टा करेंगे।
    हे येसु के पवित्र हृदय, (महीने के पहले शुक्रवार के लिए उचित) हम तुझ पर सरलतापूर्वक विश्वास करते हैं। इस विश्वास के द्वारा तू हमारे मनों पर राज्य कर। हम तुझे प्रेम करते हैं और बार–बार परमप्रसाद लेकर उस प्रेम की बत्ती को जलाये रखेंगे। इस प्रेम के द्वारा तू हमारे हृदयों पर राज्य कर। हे ईश्वरीय हृदय! कृपया हमारे इस सम्मिलन में प्रधान–स्थान ग्रहण कर। हमारे सब कार्यों को अपना आशीर्वाद प्रदान कर तथा सब कठिनाईयों में साहस दे। हमें पवित्र आनन्द प्रदान कर और अपने सब दंड़ सहने की शक्ति दे। यदि हममें से कोई तुझे अप्रसन्न करता है तो तू उसे यहाँ तक स्मरण करा दे कि तू पछताते हुए पापी के लिए भलाई और दया का सागर हैं। अन्त में, जिस समय मृत्यु हमारे गृह में प्रवेश करे, तब मरणासन्न व्यक्ति और हम सब तेरे अनादि विधानों के सामने सिर झुकावेंगे। उस समय हमारे लिये यही विचार शांतिदायक होगा कि एक दिन हमारा सारा परिवार स्वर्ग में फिर एकत्रित होकर, तेरे उपकारों के बदले में अनन्त काल तक तेरी प्रशंसा और स्तुति करता रहेगा। तेरी निष्कलंक माता, कुँवारी मरियम और धर्मात्मा संत यूसुफ़ हमारा यह समर्पण तेरे श्री चाणों में रखें और प्रति दिन हमें उसका स्मरण कराते रहें। हमारे राजा और पिता येसु के हृदय की जय! हे येसु के पवित्र हृदय! हमारे परिवारों की रक्षा कर। हे येसु के पवित्रतम हृदय! हम पर दया कर।

संत जूड के आदर में नौरोजी प्रार्थना


  • पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम पर। आमेन।
    हे प्रभु येसु! जब तू इस संसार में था तो तूने आह भरते और आँसु बहाते हुए अपने पिता से विनयपूर्वक प्रार्थना की थी। आज तू इस नौरोजी विनती को स्वीकार कर जिसमें इस तीर्थ स्थान के उपकारियों तथा उन सब भक्तों की अभिलाषाओं के लिये मैं प्रार्थना करता हूँ जिन्होंने अपनी अर्जिया यहाँ भेजी है। मैं अपने स्वयं आध्यात्मिक और भौतिक उद्देष्यों के लिए भी प्रार्थना करता हूँ।
    (अपने निवेदन व्यक्त करें)
    मैं अपने इस निवेदन को तेरे निवेदन से मिलाना चाहता हूँ। मैं माता मरियम के द्वारा, तो तेरी और मेरी भी माँ है, अपनी इस विनती को तेरे सामने रखता हूँ, क्योंकि वह ख्रीस्तियों की सहायता हैं। मैं संत जूड थेद्देयुस के द्वारा भी, जो तेरा कुटुंबी है और कठिन परिस्थितियों में सहायता करता है अपनी प्रार्थना प्रस्तुत करता हूँ। उनकी खातिर मेरी प्रार्थना स्वीकार कर तथा उन सब आत्माओं के लिये जिनके वास्ते तूने अपने प्राण दिये हैं, इसे सफल बना। आमेन।
    हे प्रतापी प्रेरित संत जूड थेद्देयुस महान कठिनाईयों में पडे़ हुये लोगों के सहायक, तू ईश्वर द्वारा सच्चे धर्म का प्रमाण देने के लिये चुना गया। तूने ख्रीस्तीय विश्वास के लिये सब प्रकार के अत्याचार सहे, और अतं में अपने प्राण दे दिये किन्तु अपने विश्वास को नहीं त्यागा। तू हमें भी ऐसा दृढ़ विश्वास दिला दे कि हर समय और हर परिस्थिति में हम इसे आनन्द के साथ स्वीकार कर सकें तथा त्यागने की अपेक्षा मरने के लिए तैयार रहें। प्रिय संत! प्रायश्चित द्वारा हमारे विद्रोही शरीर का दमन करने के लिये तू हमें प्रोत्साहित कर ताकि संसार तथा आप के लिये मर कर हम केवल ईश्वर में ही रह सकें और सदा पुण्य-फल प्राप्त कर सकें।
    हे पिता हमारे. . . प्रणाम मरिया. . . पिता और पुत्र . . .
    हे प्रतापी संत जूड थेद्देयुस! हमारे उद्वारकर्ता के कुटुंबी, अपना धर्म, विश्वास तथा ईश्वर के प्रति विश्वासघात करने की अपेक्षा, तूने प्रशंसनीय साहस से तुरन्त ही अपना जीवन बलिदान कर दिया। तू हमें यह वरदान दिला दे कि हम ईश्वर के नियम तथा अपने अन्तःकरण की पुकार को न मानने की अपेक्षा, किसी भी प्रकार के दुःख सहने के लिए सदा तैयार रहें। हमें इस तरह जीवन बिताने में सहायता दें, कि हम संतों के साथ ईश्वर के राज्य की महिमा प्राप्त कर सकें।
    हे पिता हमारे. . . प्रणाम मरिया. . . पिता और पुत्र . . .
    हे प्रतापी संत जूड थेद्देयुस, तेरी एक मात्र इच्छा थी, कि तू अपने सब कार्यो से ईश्वर को प्रसन्न करें। हमें भी यह कृपा दिला दे कि हम, ईश्वर की आज्ञा का पालन करने में, अपनी मुक्ति के लिए प्रयत्न करने में और अपने धर्म के लिए हर प्रकार के कष्ट धैर्य से सहने में तेरा जैसा उत्साह रखें। हम इसी विश्वास में अपना सारा जीवन व्यतीत करें और दुःख रूपी अग्नि से पवित्र होकर, ईश्वर के राज्य में सदा के लिए कीर्ति के मुकुट के योग्य बन जायें। आमेन।
    हे पिता हमारे. . . प्रणाम मरिया. . . पिता और पुत्र . . .
    हे महिमामय संत जूड हमारे लिए प्रार्थना कर
    कि हम ख्रीस्त की प्रतिज्ञाओं के योग्य बन जायें।
    हम प्रार्थना करें-
    हे ईश्वर तूने अपने प्रिय प्रेरित संत जूड के द्वारा हमें अपने नाम का ज्ञान दिलाया है, हमें यह वरदान दे कि हम दिन-प्रतिदिन सदाचार में उन्नति करते हुए तेरे इस प्रेरित का कीर्ति गान करें और पवित्रता में बढ़ते रहें, हमारे प्रभु ख्रीस्त के द्वारा। आमेन।


  • प्रार्थना

    (हतोत्साहित समस्याओं में बोलने योग्य)
    हे संत जूड! महिमापूर्ण प्रेरित! प्रभु येसु के विश्वासी सेवक व मित्र! विश्वासघाती के नाम के कारण कईयों ने तुझे भुला दिया। लेकिन कलीसिया तुझे हतोस्साहित मामलों के संरक्षक के नाम से सम्मान करती है। मुझ निस्सहाय के लिए प्रार्थना कर, कि मैं सभी ज़रूरतों, उलझनों व कष्टों में सांत्वना प्राप्त कर सकूँ विशेषकर ......................... (अपने निजी निवेदन करे) ताकि मैं सदैव संतों की संगति में ईश्वर का गुणगान कर सकूँ।
    हे संत जूड! प्रेरित, शहीद व प्रभु येसु ख्रीस्त, माँ मरियम व संत जोसफ के निकटतम परिजन हमारे लिए प्रार्थना कर। आमेन।

स्वास्थ्य की माता वेलांकनी की नौरोजी प्रार्थना


  • पहला दिन

    हे निष्कलंक कुँवारी ! ईश्वर के सर्वोत्तम सृष्टि : यह तो सच है कि सर्वशक्तिमान ईश्वर ने तुझ में अपनी महिमा दिखलाई। जिस प्रकार नोआ की नैया में ईश्वर ने हर प्रकार के जीव–जन्तु एवं मानव–प्राणी को एकत्रित किया था, उसी प्रकार उसने तुझे समस्त कृपाओं और ज्ञान की खान बनाई है। तू मानव–जाति का गौरव है तू संसार का सौन्दर्य है। तू ईश्वर का मन्दिर है। तू पवित्रत्व का उद्यान है। हम तेरी स्तुति करते हैं।
    हम तुझसे सन्त पिता, पवित्र कलीसिया, सभी ख्रीस्त भक्त और अपने लिए भी प्रार्थना करते हैं। हे माता ! तू ही बालकों और अनाथों की रक्षिका है। हे पवित्र कुँवारी ! तू ही युवकों को दुराशा के प्रलोभनों से बचाकर सत्य धर्म पर चलाती है। हे निष्कलंक कुँवारी ! तू ही युवतियों के कौमार्य का जीवित आदर्श है। तू ही पतिव्रताओं का आदर्श है। तू ही विधवाओं का आसरा है, वृद्धों की शरण, गरीबों का धन, रोगियों का औषध और पीडि़तों का सहारा है।
    हे स्वास्थ्य प्रद माता! हमें यह वरदान दे कि हम मरते घड़ी तक तुझपर आशा रखकर तुझसे प्रेम करते रहें। आमेन।
    (स्वास्थ्य की माता की स्तुति विनती : पृष्ठ 58)


  • दूसरा दिन

    हे दाउद कुल की ज्योति! हम पापी, तेरे ज्ञान का सौन्दर्य और प्रताप की कीर्ति देख आश्चर्यचकित हैं। तेरा पुत्र येसु दुरात्मा के अधिकार को और अज्ञान के अन्धकार को दूर करने वाला सूर्य है। तू उसकी उषा है। आज भी तू इस पवित्र स्थान से ईश्वरीय कृपा और पापों की क्षमा दिलाती है।
    हे कृपा की माता! निष्कलंक कुँवारी! हमने असंख्य पाप किये है। पर अटल विश्वास के साथ तेरी शरण आते हैं। तुझ पर हमारा दृढ़ भरोसा है। हे दया के सागर! निष्कलंक माता! तेरा नाम हमारे लिए अमृत पान है, मधुर गीत है और सुगन्धित लोबान है। तू हमारे हृदय का आनन्द और प्रकाश है। मरते समय तेरा आवान हमारे लिए स्वर्ग–द्वार खोले। आमेन।
    (स्वास्थ्य की माता की स्तुति विनती : पृष्ठ 58)


  • तीसरा दिन

    हे हमारी प्रेमी माता ! हे सच्चरित्र के आदर्श! तुझे प्रणाम ! बचपन से ही तू माता–पिता के प्रेम से दूर हुई और संसार के सुख को तुच्छ समझकर तूने मन्दिर में प्रवेश किया। इससे तू हमें सिखाती है कि ईश्वर ही धन है और उसके प्रिय बना रहना ही सौभाग्य है। हमने बपतिस्मा के समय, धन, संसार और शैतान को छोड़ देने की प्रतिज्ञा की थी। फिर भी उस प्रतिज्ञा की अवहेलना करके हम सांसारिक सुख में लिप्त रहे और हमने पाप किये। ईश्वर से हमने मुख मोड़ा और नश्वर सुख की खोज की। उसके प्रेम को हमने ठुकराया।
    हे करूणानिधि ! निर्मल कुँवारी ! हम अपने पापों से घृणा करते हैं। ऐसी दुर्दशा में हम किसकी शरण लें? हम पथ–भ्रष्ट अन्धे की तरह भटक रहे हैं। क्या तू हमारा पथ प्रदर्शन नहीं करेगी ? हे प्रतापी माता! क्या तू हमें पार नहीं लगायेगी ? हाँ ! चाहे माँ अपने पुत्र को भूल जाये, पर तू हमें न भूल। हमें यह कृपा दिला कि प्रभु येसु के घाव, हमारी शरण और उसकी मृत्यु हमारा त्राण बने। आमेन।
    (स्वास्थ्य की माता की स्तुति विनती : पृष्ठ 58)


  • चौथा दिन

    हे पवित्र प्रेम की माता ! तू प्रभु येसु की माँ चुनी गई थी। इस पर हम आनन्द के साथ तेरी प्रशंसा करते हैं। देवदूत गब्रिएल की मंगलकामना को हम अपनाते हैं। प्रणाम मरिया ! तू कृपा पूर्ण है। तू जब गर्भ में पड़ी, तभी ईश्वर ने तुझे सभी कृपाओं से सुसज्जित किया। बाद में तूने कृपाओं के दाता को ही गर्भ में लिया। तेरी स्तुति अपरम्पार है। हम पर इतनी दया कर कि हम तेरी स्तुति गाने योग्य बनें। – प्रभु तेरे साथ हैं – तेरी नम्रता के कारण प्रभु ने तुझे अपनी माता चुन लिया। तेरे निर्मल कौमार्य के कारण ही ईश्वर के पुत्र ने तेरे गर्भ में देहधारण करना स्वीकार किया। हे करूणामयी माता! हमारे लिए प्रार्थना कर कि जिस प्रकार ईश सुत तेरे गर्भ में आकर तुझसे मिला रहा, उसी प्रकार संस्कारों द्वारा वह हममें भी सदा निवास करे। – धन्य तू स्त्रियों में – आदि माता–पिता के कारण श्रापित स्त्रियों ने तुझसे आशीर्वाद पाया। तू स्त्रियों में सर्वश्रेष्ठ है। तू माताओं में पूज्यनीय हैं। सुन्दरियों में तू सुन्दरतम है। सभी पीढि़याँ तुझे धन्य कहेंगी। हम भी तुझे धन्य कहते हैं। तूने आशीर्वाद पाया है, हमें भी आशीर्वाद दिला। आमेन।
    (स्वस्थ्य की माता की स्तुति विनती : पृष्ठ 58)


  • पाँचवाँ दिन

    हे निष्कलंक कुँवारी ! कृपाओं के द्वार ! तेरे आगमन से संत एलिजबेथ और संत योहन ईश्वरीय कृपा के पात्र बने। आज इस स्थान पर हमें भी वही कृपा दिला। तेरी दया से, तेरे इस स्थान पर कई अन्धों ने दृश्य, बहरों ने श्रवण, रोगियों ने स्वास्थ्य, पीडि़तों ने ढ़ाढस और दुष्टों ने सुबुद्धि पाई है। कृपाओं की माता ! दया के सिंहासन ! तेरे द्वारा ईश्वर अपनी महिमा प्रकट करता है। जब–जब हम पापियों के लिए प्रार्थना करते हैं, तू हमारा साथ दे। प्रत्येक माता अपने पुत्र पर अधिकार रखती है। अत: तू प्रभु येसु से प्रार्थना कर कि अन्य धर्मी, कलीसिया से बिगड़े सभी ख्रीस्तीय भाई और बुरे ख्रीस्तीय, सत्य को जानें और मुक्ति पा सके, क्योंकि ये सब तेरी ही संतान हैं। आमेन।
    (स्वस्थ्य की माता की स्तुति विनती : पृष्ठ 58)


  • छठवाँ दिन

    हे पूजनीय माता ! तेरा यथोचित कीर्तिगान कौन कर सकता है? तेरी महत्ता में सदा ही नवीनता है। इसलिए कि तू अलौकिक रूप से गर्भवती हुई और अपना कौमार्य रखते हुए तूने प्रभु येसु को जन्म दिया। हे परमेश्वर की माता ! तुझे प्रणाम ! तू सदा ही कुँवारी रही – गर्भधारण के पूर्व, गर्भधारण करते समय और उसके बाद भी। तू स्वर्गलोक का आनन्द है। हे दैवी फूल ! प्रभात के तारे! तेरी गोद के बालक की आराधना करते हुए हम तेरी स्तुति गाते हैं। क्योंकि प्रभु ख्रीस्त हमारे राजा हैं और तू हमारी रानी हैं। प्रभु येसु ईश्वर और मनुष्य के मध्यस्थ है। और तू हमारे और प्रभु येसु के बीच मध्यस्थ है। प्रभु येसु स्वर्ग के स्वामी हैं। तू उसका द्वार है। हे भाग्यशालिनी ! कृपा के सिंहासन ! तूने सर्वसृष्टिकर्ता को जन्म दिया। जिसे सारा संसार समा न सका उसे तूने अपने गर्भ में समा लिया। समस्त जीव–जन्तुओं के पालनहार का तूने पालन–पोषण किया, इसलिए पीढ़ी दर पीढ़ी तू धन्य है। अपने पावन पुत्र से, तेरे सृष्टिकत्र्ता, तेरे प्राणप्यारे पुत्र से हमारे लिये प्रार्थना कर। हमें यह कृपा दिला कि हम पापी, प्रभु येसु से प्रेम रखें, उसकी सेवा करें और उसका स्वर्ग में दर्शन करें। आमेन।
    (स्वास्थ्य की माता की स्तुति विनती : पृष्ठ 58)


  • सातवाँ दिन

    हे दयापूर्ण माता! तेरी शिकायत है कि हम, तेरी पापी संतान, तुझसे यथोचित प्यार नहीं करते। हमारे अपराधों के कारण तेरा बहुत निरादर हुआ। इसका ध्यान आते ही हमारा शरीर कांप उठता है और हमें अत्यधिक पीड़ा होती है।
    हे करूणा–सागर ! दयामयी ! हमारे कारण तूने बहुत आँसू बहाये। काश! ये आँसू अग्नि की वर्षा का रूप धारणकर हमारे हृदय में ईश–प्रेम की आग सुलगा दे। हम अपने कठोर पापों से घृणा करते हैं और प्रतिज्ञा करते हैं कि अब से आगे, असीम भलाई और प्रेममूर्ति ईश्वर का विरोध नहीं करेंगे।
    हे पवित्र माता ! हमारी रक्षा कर ! हमारा दीन निवेदन है कि शिकारी को देख उड़ते पक्षी और शेर को देख भागते हुए मृग के समान हम भी प्रलोभनों से दूर भागें और तेरे हृदय में शरण पावें। आमेन।
    (स्वास्थ्य की माता की स्तुति विनती : पृष्ठ 58)


  • आठवाँ दिन

    हे ईश्वर के मन्दिर ! ज्ञान के पात्र ! तुझे प्रणाम ! तू नियम की अमर मंजूषा के समान ईश्वरीय कृपाओं से भरपूर है। इसलिए तेरा शरीर कब्र में नष्ट नहीं हुआ, किन्तु स्वर्ग में उठा लिया गया। इस कृपा के लिए हम ईश्वर के प्रति कृतज्ञ हैं और तेरी स्तुति करते हैं। हे निर्मल कुँवारी! तूने इस संसार को त्यागकर स्वर्ग प्रवेश किया लेकिन हम परदेशियों को न भूल। हे अमर प्रकाश के तारे ! अन्धकार में भटकने वालों को प्रकाश दिला और इस भवसागर में हमारा मार्गदर्शन कर। पुत्र के सूली के निकट खड़े होकर अपनाये हुए संतानों को न भूल। उसी क्रूसित पुत्र से प्रार्थना कर कि हम अपनी आत्मा और शरीर को पवित्र रखें और तेरे साथ आनन्द के भागी बनें। आमेन।
    (स्वास्थ्य की माता की स्तुति विनती : पृष्ठ 58)


  • नवाँ दिन

    हे प्रभु की सारी कृतियों ! स्वास्थ्य की माता को धन्य कहो, स्वर्ग की रानी की स्तुति करो। हे प्रभु के दूतों ! स्वास्थ्य की माता की प्रशंसा करो। हे परलोक के निवासियों ! स्वर्ग की रानी के गुण गाओ। हे स्वर्ग के सब संतों! स्वास्थ्य की माता का गुणगान करो। हे आकाश के तारागण ! स्वास्थ्य की माता की कीर्ति गाओ। हे वर्षा और ओस ! स्वर्ग की रानी को धन्य कहो। हे अग्नि और ऊष्म ! निष्कलंका की स्तुति करो। हे शरद और धूप ! स्वर्ग की रानी की प्रशंसा करो। हे तुषार और पाले ! स्वास्थ्य की माता के गुण गाओ। हे बफ‍र् और सर्दी! स्वर्ग की रानी का गुणगान करो। हे ओसकणों और हिमपातों ! निष्कलंका का गुणगान करो। हे रात और दिनों! स्वर्ग की रानी की कीर्ति गाओ। हे आलोक और तम ! स्वास्थ्य की माता को धन्य कहो। हे विद्युत और मेघ! स्वर्ग की रानी की स्तुति करो। हे पृथ्वी ! तू अपनी रानी की प्रशंसा कर। हे पर्वतों और पहाडि़यों ! स्वस्थ्य की माता का गुण गाओ। हे सारी पृथ्वी की वनस्पती ! निष्कलंका का गुण गान करो । हे झरनों! स्वास्थ्य की माता का यश–गान करो। हे समुद्रों और नदियों ! निष्कलंका की कीर्ति गाओ। हे मत्स्यों और जलचरों! स्वास्थ्य की माता की स्तुति करो। हे आकाश के सारे पक्षियों ! स्वास्थ्य की माता की स्तुति करो। हे वनचरों ! स्वास्थ्य की माता के गुण गाओ। हे मानवपुत्रों ! स्वास्थ्य की माता के गुणगान करो। हे प्रभु के याजकों व धर्मियों ! स्वास्थ्य की माता का गुणगान करो। हे आत्माओं ! निष्कलंका की कीर्ति गाओ। हे सन्तों और पापियों ! स्वास्थ्य की माता पर आशा रखकर प्रार्थना करो। आमेन।
    स्वास्थ्य की माता की स्तुति विनती
    प्रभु दया कर।प्रभु दया कर।
    ख्रीस्त दया कर।ख्रीस्त दया कर।
    प्रभु दया कर।प्रभु दया कर।
    ख्रीस्त हमारी सुन।ख्रीस्त हमारी विनती पूरी कर।
    स्वर्गवासी पिता परमेश्वर।हम पर दया कर।
    पुत्र परमेश्वर दुनिया के मुक्तिदाता। हम....
    पवित्र आत्मा परमेश्वर !
    पवित्र त्रित्व एक ही परमेश्वर !
    आदि पाप रहित उत्पन्न मरिया
    हे स्वास्थ की माता, हमारे लिए प्रार्थना कर।
    विश्व सृष्टि के पूर्व निश्चित, हे स्वास्थ....
    आदि में देवदूतों को सूचित,
    आदम को सूचित
    पाप–तम को दूर करने वाली प्रकाशपुन्ज
    नबियों द्वारा भोर का तारा सूचित
    लाभप्रद मेघ स्वरूप
    भलाई के पात्र
    धर्मपूर्वजों द्वारा प्रशंसित
    शैतान का सर कुचलने वाली
    राजकुल में श्रेष्ठ वंशज
    सन्त योखिम और अन्ना की पुत्री
    विशेष प्रसाद स्वरूप जन्मी
    दूतों और संतों से अधिक प्रज्जवल
    सर्वोत्तम भक्तिमय
    ईश्वरीय अनुग्रह से प्रकाशित
    ईश–पुत्र से संयुक्त
    सब संतों से श्रेष्ठ
    जन्म से ही स्वर्गीय प्रकाश से भासित
    तेरे जन्म पर स्वर्ग में जय जयकार हुआ
    जन्मते ही ईश्वर को अर्पित
    अत्यधिकधुरम नाम से सुसज्जित
    बाल्यावस्था में ही मंदिर में अर्पित
    सर्वश्रेष्ठ कुँवारी
    सभी मठवासिनियों का आदर्श
    पीडि़तों को धैर्य देने वाली
    अपने भक्तों का दृढ़ आसरा
    सब सन्तों का सरताज
    हे परमेश्वर के मेमने, जो संसार के पाप हर लेता है।
    प्रभु, हमें क्षमा कर !
    हे परमेश्वर के मेमने, जो संसार के पाप हर लेता है। प्रभु, हमारी प्रार्थना सुन।
    हे परमेश्वर के मेमने,जो संसार के पाप हर लेता है। हम पर दया कर।
    हम प्रार्थना करें :– हे प्रभु परमेश्वर ! तूने निष्कलंक कुँवारी मरिया को सब कृपाओं से भूषित किया और तेरे पुत्र का पालन–पोषण करने के लिए उसे चुन लिया। हमें यह कृपा दे कि हम उसकी प्रार्थना के द्वारा अकाल, युद्ध और सभी रोगों से मुक्त हों और आनन्द के साथ स्वर्ग सिधार सकें। हमारे प्रभु ख्रीस्त के द्वारा। आमेन।


  • वेलांकनी माता से रोगियों की प्रार्थना

    हे कुँवारियों की कुँवारी ! स्वास्थ्य की स्वामिनी ! वेलांकनी में विराजमान ईश्वर की माता ! तू मेरी आत्मा और शरीर का सहारा है। तेरी दया और शक्ति पर पूरी आशा रखकर मैं तेरे पास दौड़ आता हूँ। मेरा रोग दूर कर कि मैं तेरे पुत्र की और तेरी महिमा गाऊँ। सभी रोगियों को ढ़ाढस दिला। यदि उनकी आत्मा के लिये लाभदायक हो तो उन्हें स्वास्थ्य दिला। उनकी अच्छी मृत्यु के लिए सहायता कर। हे कृपामयी माता ! मेरे कष्टों को दूर कर अथवा हे स्वास्थ्य की माता! मुझे वह सहन शक्ति दे कि मैं सभी सांसारिक प्रलोभनों से बचकर अपनी आत्मा को तेरी इच्छानुसार पवित्र रखूँ।
    हे दयामयी माता ! तूने किसी भी याचक को इन्कार नहीं किया। यह तो निश्चय है कि मेरे संकट में तू मेरी मदद करेगी। तू ही पीडि़तों की सहानुभूति है। इस निर्वासन में रोते अभागों के आँसू तू ही पोंछ सकती है। तू ही ख्रीस्तीयों की सहायता है। ख्रीस्त की माता होने से तू ही ख्रीस्तीयों के पक्ष में सिफारिश कर सकती है। हे दयामयी और शक्तिमति माता ! हमारी देख–भाल कर कष्ट–पीड़ा से हमारी रक्षा कर। हे स्वामिनी ! प्रार्थना कर कि मैं परमेश्वर के साथ अनंत काल तक आनन्द पानेे के लिए अच्छा ख्रीस्तीय जीवन बिता सकूँ। आमेन।


  • आत्मा–शरीर की जरूरतों में प्रार्थना

    मेरी स्वामिनी ! तू ईश्वर द्वारा दिया गया मेरा सच्चा सहारा है। आतंक के समय विश्राम के शिविर ! पाप के अन्धकार में लड़खड़ाती आत्माओं के प्रकाश ! निर्बलों के बल ! दरिद्रों के धन ! पीडि़तों की आशा ! मानव प्रेमी ! ईश्वर की माता होने के नाते मुझ पर दया कर। तू मुझे भली–भाँती जानती है, इसलिये मैं तुझसे यह विनती करता हूँ।
    स्वर्ग और पृथ्वी की रानी ! कृपापूर्ण मरिया ! पापियों की शरण ! पाप–सागर में डूबे लोगों के सहारे ! तेरी सहायता से दास मुक्ति पाते हैं। रोगियों के स्वास्थ्य ! पीडि़तों के सहारे ! संसार–मुक्ति के सिंहासन ! तेरी शरण में आये मुझ पापी को अस्वीकार मत कर, परन्तु मेरी याचना स्वीकार कर। आमेन।


  • वेलांकनी माता से नौरोजी प्रार्थना

    हे अति पवित्र कुँवारी ! पवित्र त्रित्व के द्वारा प्रभु ख्रीस्त की माता बनने चुनी गई निष्कलंका, मैं तेरा सेवक तुझे उस महान आनन्द की याद दिलाता हूँ, जब ईश्वर का पु़त्र तेरे गर्भ में आया। मैं अपनी भक्ति द्वारा तेरे उस आनन्द को और भी बढ़ाना चाहता हूँ। पीडितों के प्रति करूणामय माता ! मेरे पीड़ामय जीवन को आनन्दमय बना। तेरे पुत्र की महान शक्ति पर भरोसा रखकर मैं अपनी अर्जियाँ तेरे सामने रखता हूँ। यदि मेरी ये अर्जियाँ मेरी आत्मा के लिए लाभप्रद हों तो इन्हें मुझे दिला। यदि मेरी मांगें ईश्वरीय इच्छा के प्रतिकूल हों तो मुझे अन्य आवश्यक कृपायें दिला।
    (यहां अपनी माँग रखियेगा)
    हे ईश्वर की माता तुझपर मेरा भरोसा है, इसलिए मैं यह नौरोजी प्रार्थना कर रहा हूँ। येसु के जन्म के समय जो आनन्द तुझे प्राप्त हुआ, उसकी हम याद करते हैं और उसके सम्मान में यह नौरोजी प्रार्थना करते हैं। तू उसे सुन और मेरे नौ प्रणाम मरिया को भी स्वीकार कर।
    ( नौ बार ’’प्रणाम मरिया’’ बोलिये )
    हे परमेश्वर की पवित्र माँ ! संत गबि््राएल के नम्र प्रणाम के साथ मैं भी तुझे प्रणाम करता हूँ। मेरी यह कामना है कि ये ’’प्रणाम मरिया’’ तेरे मुकुट के तारे बनकर चमकें। हे पीडि़तों के आश्रय ! सभी सन्तों के पुण्य कार्यों के खातिर तू मेरी यह माँग पूरी कर। तेरे और तेरे पुत्र के प्रेम की याद करके मेरी यह अर्जी स्वीकार कर और ईश्वर से यह मुझे प्रदान कर। आमेन।

माता मरियम की माला विनती


  • पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम पर। आमेन
    प्रेरितों का धर्मसार

    हम स्वर्ग और पृथ्वी के सृ-ि’टकर्ता सर्व”ाक्तिमान पिता ई”वर में वि”वास करते हैं। और उसके एकलौते पुत्र हमारे प्रभु येसु ख्रीस्त में हम वि”वास करते हैं। जो पवित्र आत्मा के द्वारा गर्भमें आये और कुॅवारी मरियम से जन्में। उन्होंने पोंतियुस पिलातुस के “ासान काल में दु:ख भेगाा। वह क्रूस पर चढाये गये, मर गये, दफनाये गये, और अधेलााेक में उतरे। वह तीसरे दिन मृतकों में से जी उठे। स्वर्ग गये, सर्व’ा-िक्त्माना पिता ई’वर के दाहिने विराजमान हैंं। और वहॉ से जीवितों और मृतकों का न्याय करने आयेंगें हम पवित्र आत्मा, पवित्र कलीसिया, धर्मियों की सहभागिता, पापों की क्षमा, “राीर के पुनरूत्थान ओर अनन्त जीवन में वि”वास करते हैं।
    हे हमारे स्वर्गवासी पिता
    हे हमारे पिता, जो स्वर्ग में है, तेरा नाम पवित्र किया जाए, तेरा राज्य आये, तेरी इच्छा जैसे स्वर्ग में हैं वैसे पृथ्वी पर भी पूरी हो। हमारा प्रतिदिन का आहार आज हमें दें, और हमारे अपराध हमें क्षमा कर, जैसे हम भी अपने अपराधियों को क्षमा करते हैं और हमें परीक्षा में न डाल, परन्तु बुराई से बचा।
    प्रणाम मरिया; (यह तीन बार बोलें)
    प्रणाम मरिया कृपा पूर्ण प्रभु तेरे साथ है, धन्य तू स्त्रियों में और धन्य तेरे गर्भ का फल, येसु।
    हे संत मरिया परमे”वर की मॉं, प्रार्थना कर हम सब पापियों के लिए, अब और हमारे मरने के समय । आमेन।
    पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा की महिमा हो, जैसे वह आदि में थी, अब है और अनन्त काल तक सदा रहेगी। आमेन।


  • आनन्द के पाँच भेद
    (सोमवार और शनिवार को)

    1.गब्रिएल दूत मरियम को सदेंश देते हैं।
    2.मरियम एलिज़बेथ से भेंट करती हैं।
    3.हमारे प्रभु येसु जन्म लेते हैं।
    4.बालक येसु मंदिर में चढ़ाए जाते हैं।
    5.बालक येसु मन्दिर में पाये जाते हैं।


  • ज्योति के पाँच भेद
    (गुरुवार को)

    1.यर्दन नदी में येसु बपतिस्मा ग्रहण करते हैं।
    2.काना के विवाह भोज में येसु अपने आप को प्रकट करते हैं।
    3.मन–परिवर्तन के आवान के साथ येसु ईश्वर के राज्य की घोषणा करते हैं।
    4.येसु का रूपान्तरण हो जाता है।
    5.पास्का रहस्य की सांस्कारिक अभिव्यक्ति के रूप में येसु यूखरिस्त की स्थापना करते हैं।


  • दु:ख के पाँच भेद
    (मंगलवार और शुक्रवार को)

    1.बारी में येसु की प्राणपीड़ा।
    2.येसु कोड़ों से मारे जाते हैं।
    3.येसु को काँटों का मुकुट पहनाया जाता हैं।
    4.येसु अपना क्रूस ढ़ोते हैं।
    5.येसु क्रूस पर ठोके जाते और मर जाते हैं।


  • महिमा के पाँच भेद
    (बुधवार और रविवार को)

    1.येसु मृतकों में से जी उठते हैं।
    2.येसु स्वर्ग चढ़ते हैं।
    3.पवित्र आत्मा प्रेरितों पर उतरते हैं।
    4.मरियम स्वर्ग में उठा ली जाती हैं।
    5.मरियम स्वर्ग में रानी का मुकुट पाती हैं।
    हर रहस्य के बाद
    एक ’’हे पिता हमारे’’ दस ’’प्रणाम मरिया’’, एक ’’पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा की बढ़ाई होवे’’ और नीचे दी गई प्रार्थना बोलना है।
    ’हे मेरे येसु, मेरे पापों को क्षमा कीजिए, नरक की अग्नि से हमें बचाईये, सारी आत्माओं का,े विशेषकर जिन्हें आपकी कृपा की अत्यन्त आवश्यकता है, उन्हें स्वर्ग में ले जाईये।’’


  • प्रणाम रानी

    प्रणाम रानी ! दया की माँ ! हमारा जीवन, हमारी मधुरता और आशा, तुझे प्रणाम। हम हेवा की निर्वासित संतान तुझे पुकारते हैं। हम इस दु:ख–पूर्ण संसार में रोते और विलाप करते हुए तेरा नाम लेते हैं; हे हमारी माता ! कृपया हम पर दया–दृष्टि कर और हमारे इस निर्वासन के बाद अपने गर्भ का पवित्र फल, येसु हमें दिखा। हे दयालु ! हे प्रेममयी ! हे मधुर कुवॉंरी मरिया! आमेन।
    हे परमेश्वर की पवित्र माँ ! हमारे लिए प्रार्थना कर,
    कि हम ख्रीस्त की प्रतिज्ञाओं के योग्य बन जाए।
    हम प्रार्थना करें
    हे परमेश्वर, जिसके एकलौते पुत्र ने अपने जीवन, मृत्यु एवं पुनरूत्थान से हमारे लिए अनन्त जीवन प्राप्त किया हैं, हम तुझसे विनती करते हैं कि पवित्र कुवँारी मरिया की अति पवित्र माला के इन भेदों पर ध्यान करते हुए जो कुछ वे सिखाते हैं हम उनका अनुसरण करें, और जिनकी वे प्रतिज्ञा करते हैं उनको प्राप्त करें। उन्हीं हमारे प्रभु ख्रीस्त के द्वारा। आमेन।


  • कुँवारी मरियम से आवान प्रार्थना

    हे प्रभु ! हम पर दया कर।
    हे ख्रीस्त ! हम पर दया कर।
    हे प्रभु ! हम पर दया कर।
    हे ख्रीस्त ! हमारी प्रार्थना सुन।
    हे ख्रीस्त! हमारी प्रार्थना पूर्ण कर।
    हे स्वर्गवासी पिता ईश्वर ! हम पर दया कर।
    हे पु़त्र ईश्वर, दुनिया के मुक्तिदाता ! हम पर दया....
    हे पवित्र आत्मा ईश्वर ! हम पर दया कर।
    हे पवित्र त्रिएक परमेश्वर ! हम पर दया कर।
    हे संत मरियम ! हमारे लिए प्रार्थना कर।
    हे परमेश्वर की पवित्र जननी !
    हे कुँवारियों में पवित्र कुँवारी !
    हे ख्रीस्त की माता !
    हे ईश्वरीय कृपा की माता !
    हे पवित्रतम माता !
    हे अत्यन्त विशुद्ध माता !
    हे अक्षता माता !
    हे निष्कलंक माता !
    हे दुलारी माता।
    हे प्रशंसनीय माता !
    हे सुसम्मति की माता !
    हे सृजनहार की माता !
    हे मुक्तिदाता की माता !
    हे अत्यन्त बुद्धिमती कुँवारी !
    हे आदरणीय कुँवारी !
    हे वंदनीय कुँवारी ।
    हे शक्तिमती कुँवारी !
    हे दयालु कुँवारी !
    हे विश्वासिनी कुँवारी !
    हे धर्म के दर्पण !
    हे ज्ञान का सिंहासन !
    हे हमारे आनन्द के मूलस्त्रोत !
    हे आध्यात्मिक पात्र !
    हे आदर के पात्र !
    हे भक्ति के उत्तम पात्र !
    हे रहस्यपूर्ण गुलाब !
    हे दाऊद के गढ़ !
    हे हाथी दाँत के गढ़ !
    हे सोने के घर !
    हे संधि की मंजूषा !
    हे स्वर्ग के द्वार !
    हे प्रभात का तारे !
    हे बीमारों की कुशलता !
    हे पापियों की शरण !
    हे दु:खियों की सांत्वना !
    हे ख्रीस्त–भक्तों के आश्रय !
    हे स्वर्गदूतों की रानी !
    हे धर्मपुरखों की रानी !
    हे नबियों की रानी !
    हे प्रेरितों की रानी !
    हे लोहूगवाहों की रानी !
    हे धर्मगवाहों की रानी !
    हे कुँवारियों की रानी !
    हे सब संतों की रानी !
    हे आदिपाप बिना गर्भ में प्रविष्ट रानी !
    हे स्वर्ग में उद्ग्रहित रानी !
    हे अत्यंत पवित्र माला की रानी !
    हे शांति की रानी !
    हे परमेश्वर के मेमने! तू संसार के पाप हर लेता है। हे प्रभु, हमें क्षमा कर !
    हे परमेश्वर के मेमने! तू संसार के पाप हर लेता है। हे प्रभु, हमारी प्रार्थना पूर्ण कर।
    हे परमेश्वर के मेमने! तू संसार के पाप हर लेता है।
    हम पर दया कर।
    हे परमेश्वर की पवित्र माँ ! हमारे लिए प्रार्थना कर,
    कि हम ख्रीस्त की प्रतिज्ञाओं के योग्य बन जाँए।
    हम प्रार्थना करें –
    हे प्रभु, परमेश्वर ! कृपया इन सेवकों को वह शक्ति प्रदान कर कि हम सदैव तन–मन से चैन करें और नित्य कुँवारी मरियम की प्रार्थना द्वारा इस लोक की उदासीनता से मुक्त होकर अनन्त सुख प्राप्त करें। हमारे प्रभु ख्रीस्त के द्वारा। आमेन।